शिवहर में रेलवे आना चाहिए

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एक शहर कर रहा रेल के लिए आन्दोलन

लोकसभा चुनाव आने वाला है और जिले में रेल के लिए आवाज फिर शुरू हो गई है I  विकास का पर्याय मानी जाने वाली रेल से शिवहर जिला दशकों से मोहताज है। सैकड़ों मुसाफिरों को मंजिल तक पहुंचाने वाली रेल के लिए यहाँ के लोग इतना खुशनसीब नहीं है।
फिछले कई वर्षों से यहां रेल के लिए आवाज उठाई जा रही है। उम्मीद यह  थी कि जिले के लोगों की आवाज दिल्ली तक पहुंचेगी और शहर को रेल का तोहफा मिलेगा। लेकिन हुआ ऐसा नहीं

कुछ भी हो रेल आना ही चाहिए!

अब जिलेवासी मन बना चुके है कि कुछ भी हो रेल जिले में रेल आना ही चाहिए। 
सांसद को एकतरफा वोट कर संसद में पहुंचाया तो नियति का चक्र ऐसे घूमी और प्रदेश में भी भाजपा के सहयोगी की सरकार बनी, और उम्मीद जगी जिले में शीघ्र ही रेल सुविधा मिलने लगेगी।

फिलहाल रेल के लिए क्या सम्भावना है!
रेल के लिए क्या संभावनाएं हैं और रेल लाने का प्रोजेक्ट किस स्थिति में है यह बताना लाख टके का सवाल है। और इस सवाल का जबाब प्रदेश सरकार के प्रतिनिधि होने के कारण विधायक दे सकता है और केंद्र के प्रतिनिधि होने के कारण स्थानीय सांसद दे सकती है। जन जागरूकता के माध्यम से जिले में रेल लेन की पहल की जानी चाहिए। आरटीआई रिपोर्ट की माने तो अभी रेल परियोजना का कार्य अधर में हैI

जिम्मेवार कौन  
केंद्र सरकार के प्रतिनिधि होने के कारण सांसदों की ये जिम्मेदारी होती है कि उनके अधिकार क्षेत्र में आम जन को सुख सुविधा प्राप्त हो। और इसके लिए जनप्रतिनिधि को विशेष पहल करनी ही होती है।
एक दूसरे पहलू पर गौर करें तो हो सकता है कि भाजपा की सरकार स्थानीय सांसद की बात को हल्के में ले रही है। सांसद महोदया अपनी बात दमदार ढंग से नहीं रख पा रही हो।  


चुनाव नजदीक आ रहा है फिर भी रेल को ठंडे बस्ते में डाला गया है तो जिम्मीदर कौन?

रेल मंत्री जी और प्रधानमंत्री जी शिवहर में रेल कब तक देंगेI