Decision Maker Response

Dr. Md Jawed’s response

Dr. Md Jawed
Member of Parliament from Kishanganj, Bihar

Jan 29, 2021 — डॉ. मोहम्मद जावेद, सांसद, किशनगंज, बिहार

मैं बन्दना द्वारा Change.org पर शुरू की गई इस पेटीशन की सराहना और समर्थन करता हूँ I

2020 में पेश किए गए केंद्रीय बजट में शिक्षा के क्षेत्र में महज 3.3% का आवंटन हुआ था ( यह उससे पूर्ववर्ती वित्तीय वर्ष यानी 2019 में आवंटित बजट 3.5% के मुकाबले भी कम था)। इसमें संदेह नहीं कि हम एक नाजुक दौर से गुजर रहे हैं और अब समय आ गया है कि हम ठोस कदम उठाएं और शिक्षा के लिए सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) का न्यूनतम 6% खर्च करने की दिशा में आगे बढ़ें I

लंबे समय से देश की विभिन्न शिक्षा नीतियों की अनुशंसा में और सरकारों द्वारा किए गए वायदों में शिक्षा पर बजट बढ़ाकर 6 फीसदी करने की प्रतिबद्धता दोहराई गई थी। नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति, 2020 (एनईपी 2020) में भी इसकी पुष्टि की गई है।

लड़कियों के न पढ़ पाने और बीच में पढ़ाई छूट जाने की एक बड़ी वजह पड़ोस में स्कूलों की कमी रही है।

हाल में COVID-19 के रूप में आई वैश्विक महामारी ने भी बच्चों, खासकर लड़कियों की शिक्षा पर प्रतिकूल प्रभाव डाला है। कई लड़कियों को आर्थिक कठिनाइयों के कारण भी स्कूल छोड़ना पड़ा हैI शिक्षा पर खर्च बढ़ाना इसलिए भी जरूरी है कि नए स्कूल खोले जा सकें, बुनियादी ढांचे को मजबूत और विस्तारित किया जा सके। साथ ही, भारी पैमाने पर शिक्षकों की मौजूदा कमी को नियमित प्रशिक्षित शिक्षकों की नियुक्ति से पूरा किया जा सके जिसके माध्यम से लड़कियों सहित सभी बच्चों को लाभ होगा।

इससे खासकर लड़कियों की गुणवत्तापूर्ण शिक्षा तक पहुंच बढ़ाने में मदद मिलेगी।
मेरा दृढ़ विश्वास है कि शिक्षा एक उज्जवल भविष्य और समतामूलक देश - समाज के समावेशी विकास की कुंजी है।

मैंने पिछले बजट सत्र में भी इस अहम मुद्दे को उठाया है और आगामी बजट सत्र में केंद्रीय वित्त मंत्री और केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री के समक्ष इसे फिर से उठाऊंगा ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि सरकार देश में शिक्षा के दायरे से बाहर होने को अभिशप्त बंदना जैसी करोड़ों युवा लड़कियों और हाशिए पर मौजूद वंचित समुदायों से आनेवाली बालिकाओं की आवाज सुने और बजट में आवंटन बढ़ाते हुए मौजूदा स्थिति में सकारात्मक बदलाव लाएI