कंगना की बात,आपके साथ

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कंगना रनौत की मुहिम फ़िल्म इंडस्ट्री में व्याप्त गलत बातों के लिए थी। ड्रग माफिया के खिलाफ थी।फ़िल्म इंडस्ट्री के भाई भतीजावाद के खिलाफ थी।सुशांत के मर्डर/आत्महत्या की निष्पक्ष जांच के लिए थी। मुम्बई पुलिस की गैर प्रोफेशनल तरीके से जांच के खिलाफ थी।फ़िल्म इंडस्ट्री में ड्रग के इस्तेमाल के खिलाफ थी।नेताओं के ड्रग माफियाओं से संबंधों के खिलाफ थी।

सुशांत की मौत की गैर प्रोफेशनल जांच की जिम्मेदारी से सरकार बच नहीं सकती थी। 24 घंटे के अंदर मौत को सुसाइड डिक्लेअर किया जा चुका था।कंगना ने ये मुद्दा न उठाया होता,बोला न होता तो ये वर्शन फाइनल था।

राष्ट्रीय स्तर पर एक टी वी बयान से मुद्दा आगे बढ़ा और सी बी आई जांच तक पहुंचा।निष्कर्ष जो भी होगा,कोर्ट जो निर्णय देगा देश मानेगा।

पर जो सरकार इस जांच को संदिग्ध बना रही थी।उसके पावर के दुरुपयोग की अनुमति दी जा सकती है ताकि कोई भी देश का नागरिक कोई मुद्दा न उठाएं।जो तोड़ फोड़ की कार्यवाई की गई ओ सत्ता की ताकत का उस जनता के सामने नंगा प्रदर्शन था जिसने उसको ताकत दी है।अगर कंगना का निर्माण गलत था तो वैधानिक कार्यवाई उचित थी सत्ता का दुरुपयोग उचित नही।।फ़िल्म इंडस्ट्री है वहां इसका मतलब ये नहीं कि ओ फ़िल्म इंडस्ट्री के हीरो हीरोइन पैदा करते हैं।ऐसा होता तो सारे हीरो हीरोइन मराठी  ही होते । हीरो हीरोइन  देश  की  जनता  बनाती  है।

इस देश की वित्तीय राजधानी अगर मुम्बई है तो इसमें मराठियों का क्या योगदान है ? और है भी तो क्या बाकी इंडिया का नहीं है ?अगर दिल्ली राजधानी है तो इसमें दिल्ली निवासियों का क्या योगदान है ? हो भी तो क्या बाकी इंडिया का नहीं है ?

इसलिए मुम्बई को यूनियन टेरिटरी बनाकर किसी भी पार्टी की गुंडागर्दी की सीमा से बाहर किया जाए।

कंगना के आफिस को ढहा देने पर भी किसी को शिकवा नहीं।पर क्या बोलने वालों के घर तोड़े जाएंगे ओ भी सत्ता के नशे में बल्कि ड्रग माफिया,क्रिमिनल को प्रोटेक्शन देने के लिए।

हम कंगना के साथ नहीं खड़े हैं उस प्राचीन आदर्श के साथ खड़े हैं जो हमको सही बात कहने को कहता है।जो गलत का विरोध करने को कहता है।हम उस संविधान के साथ खड़े हैं जो हमको अभिव्यक्ति की आजादी देता है।जो हमारे मानव अधिकार सुनिश्चित करता है।

चूंकि महामहिम गणतंत्र प्रमुख है इसलिए हम इस दुसप्रवित्ती पर चिंता व्यक्त करते हुए उचित कार्यवाई की अपेक्षा करते है।और उम्मीद करते है कि इस हेतु समुचित कार्यवाई हेतु आप प्रधानमंत्री जी को निर्देश देंगे।

हम सब भारतवंशी,संविधान के प्रति निष्ठावान, इस गणतंत्र के आम नागरिक।

सादर, नमन