हरियाणा सरकार द्वारा पंजाब भूमि संरक्षण अधिनियम में प्रस्तावित बदलाव का विरोध करें

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Dr​.​Sarika Verma
Dr​.​Sarika Verma ने इस याचिका पर हस्ताक्षर किये

हरियाणा, देश में सबसे कम वन क्षेत्र वाला प्रदेश है। इसके बावजूद, हरियाणा सरकार अरावली के जंगलों को नष्ट करना चाहती है।

नागरिकों को चौंकाते हुए, हरियाणा विधानसभा ने 27 फरवरी 2019 को पंजाब भूमि संरक्षण एक्ट (पीएलपीए) 1900, में संशोधन को पास कर दिया। इस संशोधन ने एक्ट को ही गैर प्रभावी बना दिया है क्योंकि इससे अब 74000 एकड़ जंगल (हरियाणा  के 33% जंगल जो कि पीएलपीए के अंतर्गत वन भूमि के रूप में आता है) तो शहरीकरण, खनन और रियल स्टेट के विकास के लिये खोल देगा।जबकि हमारी हवा और भी प्रदूषित हो रही है, और हमारा भू जल खत्म होते जा रहा है।

इस संशोधन के लाभार्थी कौन होंगे और इससे किसका नुकसान होगा ? यह समझने के लिये इस छोटी सी फिल्म को देखिये।

https://www.youtube.com/watch?v=Me8gmSZJku4

हम, नागरिक हरियाणा सरकार को ज्ञापन दे रहे हैं:

अरावली को निजी भूमि के निजी स्वामित्व से दूर रखें।
पंजाब भूमि संरक्षण अधिनियम (PLPA), 1900 में संशोधन नहीं।
गुरुग्राम और फरीदाबाद के आसपास के सभी अरावली वन क्षेत्रों को फिर से अधिसूचित करें जो पीएलपीए के तहत संरक्षित हैं और जिनके लिए अधिसूचनाएं समाप्त हो गई हैं।

मैं इस क्षेत्र के भविष्य को बचाने के लिए इस महत्वपूर्ण और तत्काल अभियान में आपके समर्थन की अपेक्षा कर रही हूं। इस ज्ञापन पर हस्ताक्षर करें और सभी के साथ साझा करें।

#AravalliBachao
#StopPLPAamendment