पुरानी पेंशन योजना

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       मैं पोपट भगवान चौधरी , (सामान्य आरक्षित अभियंता बल), सिमा सडक संघटन जो की रक्षा मंत्रालय के अधीन काम करता है. उस विभाग मे वर्ष २०१० से कार्यरत हूँ .

       भारतीय सेना के लिये , भारतीय सिमाओ के विकास के लिए ,कहीं लेह-लद्दाक  (सियाचीन) की खुन जमा देने वाली थंड मे, तो कही हिमाचल और ऊत्तराखंड की बर्फीली चोटींयों पे, तो कहीं  जम्मू ओर कश्मीर के इन्सरजन्सी सिमाओ मे, तो कहीं सिक्कीम का नथुला दर्रा हो, तो आसाम, अरूणाचल, एवं पुरे नार्थ इस्ट का घना जंगल हो, एैसे हालात मे हम लोग दिन रात भारतीय फौजों के साथ मेहनत कर ,अपनी जवानी देश की सेवां मे समर्पीत करते हैं. 

         अपनी जवानी के २०-३० साल कूर्बान करके .. बुढांपे मे हमारे सहांरे के रूप मे जो पुुरानी पेंशन मिलती थीं, वो भी भारत सरकार ने २००४ से बंद कर दीं. पर क्यों...?

          इसके खिलाफ आवाज उठानेसे कहा जाता है कि नई पेंशन योजना के लाभ जादा है ... यदीं इसका लाभ ज्यादा है तो .. भारत की तीन्हो सेनाओं को , सासंदो को विधायको को पुरानी पेंशन योजना में क्यो रखां गया है? "यदीं हमारे साथ-साथ अर्ध सैनिक बलों को NPS से ज्यादा लाभ मिलेगा तो , सरकार तिन्हो सेनाओं के साथ-साथ सांसदो एवं विधायकों का नुकसान तो नहीं करा रहीं..

           मै भारत सरकार से गुजारीश करता हूँ की , हम हमारी जवानी देश की सेवां मे व्यतीत कर रहें है. 'तो आप हमारा बुढांपा किसी Private कंपनीयो के भरोंसे मत छोडीयें. '  

            भारत सरकार से हम आदरपुर्वक हमारे जिंदगी के भविष्य का हक मांग रहें है, .कृपया हमें इससे वंचित ना रखें ...

         " २००४ के बांद के सिमा सडक संघटन मे , अर्ध सैनिक दलों मे कार्यरत जवानों को पुरानी पेंशन योजना मे समाविष्ट करें ". यहं प्रार्थना पुर्वक विनती.... 

                      जय हिंद...!