हमें न्याय चाहिए

0 व्यक्ति ने हसताकषर गये। 100 हसताकषर जुटाएं!


भारत के सम्मानित नागरिक, भारत सरकार एवं बिहार सरकार !

अब आपसे ही न्याय की आशा बची है। सन् 1999 में 25 वीं बिहार न्यायिक सेवा के अंतर्गत 152 न्यायिक मजिस्ट्रेट के रिक्त पदों हेतु विज्ञापन हुआ था जिसमें मैं भी एक अभ्यर्थी था। लिखित परीक्षा एवं साक्षात्कार के पश्चात बिहार लोक सेवा आयोग ने 152 सफल अभ्यर्थियों की नियुक्ति की अनुशंसा बिहार सरकार को भेज दिया जिसमें मेरा भी नाम सम्मिलित था। तत्कालीन बिहार सरकार नियुक्ति पत्र जारी करने में टाल मटोल करती रही। इसी बीच बिहार राज्य का विभाजन हो गया और इसे ही आधार बनाकर 152 सफल अभ्यर्थियों में से 102 की नियुक्ति बिहार में न्यायिक मजिस्ट्रेट के पद पर कर दिया गया और शेष 50 सफल एवं अनुशंसित अभ्यर्थियों को दर दर भटकने के लिए छोड़ दिया गया। हमलोगों ने माननीय राज्यपाल स्व.बूटा सिंह जी के कार्यकाल में धरना प्रदर्शन भी किया जिस पर उनके परामर्शी द्वारा शीघ्र नियुक्ति सम्बन्धी कार्यवाही का आश्वासन दिया गया। सरकार से लेकर न्यायालय तक कोई हम 50 दुर्भाग्यशाली सफल एवं अनुशंसित अभ्यर्थियों की पीड़ा सुनने को तैयार नहीं है।और हम दर दर की ठोकर खाने को अभिशप्त हैं।

अन्त में थक हार कर आप सम्मानितजन की अदालत में आया हूँ ताकि 25 वीं बिहार न्यायिक सेवा के हम 50 सफल एवं अनुशंसित अभ्यर्थियों एवं उनके परिवारों को न्याय मिल सके।

आपका ही एक भाई

शैलेन्द्र कुमार पाण्डेय