भारत की जनता से अपील : #SendUnderwearToAzam ताकि उनकी सोच में बदलाव आए

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तुमको मेरे अंतःवस्त्रों में आखिर क्यो विशेष दिलचस्पी है?

आखिर क्यों तुम यह स्वीकार नहीं कर पा रहे कि नारी अब अबला नहीं रही? आखिर क्यो तुम्हें स्त्री से भय है? क्यों यह स्वीकार नहीं करते कि जिन अल्फाज़ो का तुम प्रयोग करते हो, वे अल्फ़ाज़ तुम्हारी बहु-बेटियां भी सुनती होंगी तो तुमको दुत्कारती होंगी!

राजनीति के शिखर पर चढ़ते जाने के बाद भी तुम्हारी सोच सिर्फ उन अंतःवस्त्रों तक ही कैद है, जो सिर्फ शरीर ढंकने का साधन मात्र है। जो न सिर्फ स्त्री के लिए है, वह पुरुष के लिए भी उतना ही जरूरी है! फिर भी तुम ज़िक्र सिर्फ स्त्री तक ही क्यो करते हो? पितृसत्तात्मक सोच तुम पर जो हावी है यह उसी का परिणाम है।

उन बातों से बाहर निकलिए और स्वीकार करिये जब लोग कहते थे भारत एक पुरुष प्रधान देश है। भारत एक पुरुष प्रधान देश न कल था न आज है। यह उन मूर्ख लोगों के द्वारा रचित भ्रम था जिन्होंने सदैव स्त्री को पुरुष की तुलना में कम आंका है! स्त्री को कम आंक कर जो मानवीय, मानिसिक भूल की है वह सिर्फ मानसिक दिवालियापन को ही प्रदर्शित करता है।

आज़म खां जी के दिये गए बयान यही प्रतिबिंबित करते हैं कि उनको स्त्री समाज के आत्मनिर्भर होने से कितनी समस्या है। तुम जो मेरे अंतःवस्त्र की फिक्र करते हो ना, वह दरअसल आपका चारित्रिक प्रमाण है जो यह बताता है कि राजनीति में ऐसे न जाने कितने और लोग हैं जो आज भी स्त्री के अंतःवस्त्र तक ही सीमित हैं!

उनको स्त्री की उड़ान नही दिखती, उनको स्त्री का वह त्याग नही दिखता जो वह सीमा पर भी दिखा रही है!

उनको स्त्री का रूप इंदिरा, निर्मला, कल्पना, सिंधु, सायना, ऐश्वर्या, सुषमा स्वराज आदि लोगो के रूप ने नहीं दिखता, जिन्होंने आधुनिक भारत, विकसित भारत बनाने में कोई कसर कभी नही छोड़ी!

निंदनीय तब और हो जाता है जब समाज के प्रतिष्ठित लोग इस पर चुप्पी साध लेते हैं व उनके कथन पर तालियां पीटते हैं। तालियां पीटने वाले लोग उन राक्षसीय प्रवृत्ति से ग्रषित लोग हैं जिनको इस धरा पर रहने का कोई अधिकार नहीं है!

राजनीति को पवित्रता की ओर ले जाने की ज़िम्मेदारी अब युवा वर्ग को आगे आकर उठानी चाहिए। उनकी जिम्मेदारी है कि वे ऐसे दुष्ट लोगों का विकल्प बनें जो मानसिक रूप से पूर्णतया अपंग हो चुके हैं। इनके विरुद्ध अपनी आवाज़ बुलंद करिये, सत्यता और ईमानदारी का स्वर कभी न कभी लोगों को सुनाई अवश्य देता है।

हे युवा कर्णधारों भारत देश को बचाने की ज़िम्मेदारी अब तुम्हारे कंधे पर ही है, उठो और भारत निर्माण में जुट जाओ!

अपील : मैं भारत की जनता से अपील करता हूँ कि सभी लोग #SendUnderwearToAzam मूवमेंट में प्रतिभाग करें व आज़म खान जी को अंडरवियर भेजना न भूलें। हो सकता है इनकी सोच में कुछ बदलाव आए। तो आइए नारी सम्मान में उतरिये और हिस्सा बनिये इस मूवमेंट का!

अंकुर त्रिपाठी 'विमुक्त'


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