समाज में औरत की इज़्ज़त

समाज में औरत की इज़्ज़त

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अभी हाल ही का एक प्रसंग जिसने मुझे अंदर तक झकझोर दिया वो ये है कि जब जनरल GD बक्शी ने खुले आम एक मीडिया चैनल पर कैसे अपना आपा खोया और उनसे डिबेट करने वाले साथी को माँ की गाली दे डाली ।। जब ये वीडियो देखा तो समझ आया की संस्कृति, देशभक्ति, मर्यादापुरुषोत्तम की बात करने वाला हर व्यक्ति अच्छा नही होता। जनरल बक्शी एक रिटायर्ड हैं आर्मी से उनके समर्थन में जब यूट्यूब पर देखा तो पता चला पूरा समाज ही इस मानसिक बीमारी का शिकार है।। जब देखो माँ बहिन की गाली देने वाला ये समाज,, क्या कभी बदलेगा,,??

कुछ लोगो ने कहा कि एक आर्मी के आदमी को हक़ है ऐसी जुबान बोलने का,, तो कुछ ने कहा कि जिसको गाली दी है वो दूसरे धर्म का है इसलिए सही किया बक्शी ने,, कुछ ने कहा कि देशभक्ति से बढ़कर कुछ नही,,, तो कुछ ने कहा कि गाली ही तो दी है,,,।

 

अब मेरे कुछ सवाल है,

क्या आपको लगता है कि आर्मी का होने से हक़ मिल जाता है कि किसी को भी माँ बहिन की गाली दे डालो,,??

आपको नही लगता अगर आर्मी अफसर इस तरह से अपने सैनिकों से माँ बहन की गाली देकर बात करे तो उनके मानसिक पटल पर कैसी छाप छूटती होगी आर्मी की..??

आर्मी की वर्दी फिर तो ये भी हक़ देती होगी इन लोगो को की किसी की भी माँ बहिन की इज़्ज़त से खिलवाड़ कर लो,,।

हमने सुना था आर्मी के लोग शारीरिक और मानसिक रूप से बहुत मजबूत होते हैं,, लेकिन जो उस दिन मीडिया चैनल पर देखने को मिला उससे तो साफ़ जाहिर होता है कि जनरल बक्शी जैसा आदमी किसी की भी माँ बहिन की इज़्ज़त कर ही नही सकता,,।।

उसका राष्ट्रप्रेम सिर्फ दिखावा भर है कि किसी तरह इस तरह की बात करके राज्यसभा की सीट मिल जाये और बुढ़ापा आराम से कटे,,।।

  1. ध्यान देनेवाली बात ये है कि ये काम अगर किसी दूसरे धर्म के आदमी ने किया होता तो बवाल मच जाता देश में।। संस्कृति, मर्यादा का पाठ पढ़ाने कई लोग आ जाते इसी चैनल पर।। हो सकता तो अभी तक कार्यवाही भी हो चुकी होती,, लेकिन इस केस में क्या हुआ,, कुछ नही ,,, माँ इन जैसे कुछ लोगो के लिए सिर्फ एक शब्द है और हम जैसों के लिए माँ ही भगवान् है,,,।

अगर आपके लिए भी माँ एक भगवान है और चाहते हैं कि माँ को,,औरत को समाज में अच्छा स्थान मिले तो इस पेटिशन को ज्यादा से ज्यादा संख्या में sign करें और शेयर करें।।

हम चाहते हैं कि समाज से ये गालियों का चलन बंद हो जिसमे सिर्फ औरत को निशाना बनाकर किसी को कुछ भी कह दिया जाता है।।