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मैं 6 ऑकटुम्बर की शाम इंडिगो 6E की फ्लाइट से लखनऊ जा रहा था लेकिन दिल्ली उतर कर वहां से जयपुर चला गया। वहाँ मैं एक 4 सितारा होटल में एक रात रुका।  देहरादून हवाई अड्डे पर मेरी स्क्रीनिंग हुई थी और मैं स्वस्थ पाया गया। आरोग्य सेतु ऐप भी मुझे स्वस्थ पा रही थी।  जयपुर में मैं एक 4 सितारा होटल में एक रात रुका। उस होटल में भी मेरी स्क्रीनिंग हुई और आरोग्य सेतु जांची गई। इस हवाई यात्रा से कुछ दिन पहले ही मेरी स्वास्थ्य जांच भी हुई थी। मधुमेह और कोलेस्ट्रॉल के अलावा मुझे और कोई रोग नहीं था। वैसे भी मैंने पूरे लॉक डाउन के दौरान खुद को एक कमरे में बंद कर रखा था और लॉक डाउन के सभी दिशा निर्देशों का अक्षरश पालन कर रहा था क्योंकि मैं जानता था कि यदि मुझे कुछ हो गया तो मेरी तो देखभाल करने वाला भी कोई नहीं। जयपुर में एक रात रुक कर अगले दिन मैं उदयपुर में एक हेरिटेज होटल में रुका। वहाँ भी मेरे मोबाइल में इंस्टाल्ड आरोग्य सेतु की जांच होने के साथ स्क्रीनिंग करके ही मुझे प्रवेश दिया गया। उस कमरे को दिन में दो बार सेनेटाइजर से साफ करता था। 14 ऑकटुम्बर को मैंने उदयपुर से देहरादून के लिए इंडिगो 6E की फ्लाइट ली लेकिन सीधी फ्लाइट न मिलने से मुझे दिल्ली से अगले दिन की कनेक्टिविटी मिली। रात्रि विश्राम के लिए मैने महिपालपुर में एक चार सितारा होटल की शरण ली। वहाँ तक भी मुझमें कोरोना के कोई लक्षण नहीं थे। अगले दिन 15 ऑकटुम्बर को मैं इंडिगो 6E की फ्लाइट से देहरादून आ गया। दिल्ली हवाईअड्डे पर भी मुझे कोरोना मुक्त पाया गया। देहरादून हवाईअड्डे से मैंने प्रीपेड कैब ली और उसकी सीट आदि को खुद सेनेटाइज़ किया तब उसमें सवार हुआ। मैं अपने आपको कोरोना मुक्त रखने के लिए ही महँगे होटलों में रुकने के अलावा पूरी सावधानी बरत रहा था लेकिन मेरा दुर्भाग्य कि इण्डिगो 6E यात्रियों को मध्य सीट भी अलॉट कर रहा था और मुझे भी 2E सीट दी गई थी। उसी दिन रात को मुझे ठंड लगने लगी और मैं बेदम होने लगा। इस पर मैंने कोरोना कंट्रोलरूम में फोन कर अपनी हालत बताई तो मुझे एम्बुलेंस से दून अस्पताल ले आया गया और 16 को मेरा सैम्पल लिया गया। 17 को मुझे कोविड पॉजिटिव घोषित कर दिया गया। तबसे मैं सरकारी अस्पताल में पड़ा आखिरी साँसे गिन रहा हूँ। जब मैंने ट्विटर के ज़रिए इण्डिगो को उसकी लापरवाही के बारे में बताया तो एयरलाइन ने ब्लाह ब्लाह की भाषा में खुदको पाक साफ घोषित कर दिया। जबकि न तो दिल्ली, न जयपुर और न ही उदयपुर में मैं होटल से बाहर निकला और उदयपुर में मुझसे जो भी मिलने आये उन्हें सेनेटाइज़ करवा कर ही कमरे में आने दिया। ऐसे में मुझे संक्रमण हुआ तो कैसे हुआ.? क्या इण्डिगो एयरलाइन अपना पल्ला झाड़ लेगी जबकि वो अपनी मध्य सीट ही खाली नहीं छोड़ रही।

मैं दुनिया में न केवल अकेला हूँ, बल्कि मेरी आय के साधन भी खत्म हो चुके हैं। कोई बचत भी नहीं रही। अब मैं क्या करूँ यह आप ही बताएँ.!