याचिका बंद हो गई

जाति आधारित आरक्षण बंद हो

यह मुद्दा 87 हस्ताक्षर जुट गये


आदरणीय महोदय, 

भारतीय संविधान में सभी भारतीयों को सम समान मानते हुए सभी को समान अवसर देने की संकल्पना की गई है.  साथ ही जातिगत भेदभाव को दूर करते हुए देश में सर्वधर्म समभाव स्थापित किये जाने की बात भी भारतीय संविधान में कही गई है,  किंतु भारतीय संविधान और भारतीय संसद के प्रति पूरी आस्था रखते हुए मैं आपसे कहना चाहूंगा कि जाति आधारित आरक्षण व्यवस्था की आड़ में इन तमाम संकल्पनाओं की धज्जियां उड़ाने का काम देश की स्वतंत्रता से लेकर आजतक अनवरत् जारी है. 

शिक्षा और रोजगार से लेकर तमाम क्षेत्रों में जातिगत आरक्षण के चलते जहां एक ओर जाति व्यवस्था समाप्त होने की बजाय इसकी खाई और गहरी हो रही है, वहीं दूसरी ओर कई योग्य प्रतिभाओं को समुचित अवसर ना मिलने के चलते देश अपेक्षित रूप से प्रगति पथ पर नहीं है.  इसकी सबसे बड़ी वजह कुछ वर्ग विशेष से वास्ता रखनेवाले लोगों द्वारा आरक्षण को तत्कालिक या फौरी व्यवस्था के स्थान पर अपना जन्मसिद्ध अधिकार अथवा सुविधा या सहूलियत मान लिया जाना है. 

यदि यह स्थिति यूं ही बदस्तूर चलती रही, तो ये कहने में कोई अतिशयोक्ति नहीं कि आज जिन्हें सामान्य वर्ग मानकर वर्ग विशेष के हितों हेतु हाशिए पर धकेला जा रहा है, वह भविष्य का दलित वर्ग बन जाए..  इससे देश में सामाजिक संतुलन के बिगड़ने अथवा गृहयुद्ध जैसे हालात बनने की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता है, जैसा कि हम गुजरात, हरियाणा और महाराष्ट्र में आरक्षण के नाम पर हुए मोर्चों के दौरान देख चुके हैं. 

ऐसे में देश का सजग नागरिक होने के नाते मैं तथा मेरे साथ मेरे ही जैसे नागरिकों का समूह आपसे निवेदन करते हैं कि व्यापक देशहित में जातिगत आरक्षण की व्यवस्था को शीघ्रातिशीघ्र समाप्त किया जाये,  अपितु इसके स्थान पर पूर्व सैनिकों व उनके परिवारों, दिव्यांगों तथा महिलाओं सहित आर्थिक रूप से पिछड़ों के लिए आरक्षण की व्यवस्था की जाए, संभवतः आरक्षण की व्यवस्था किये जाते समय संविधान के निर्माताओं के मन-मस्तिष्क में भी इसे लेकर यही संकल्पना रही होगी, किंतु कालांतर में वोट आधारित राजनीति के चलते इस संकल्पना को पूरी तरह उलट-पुलटकर रख दिया गया. 

ऐसे में आपसे निवेदन है कि आप देश के उज्जवल व उन्नत भविष्य को ध्यान में रखने के साथ ही वोट आधारित राजनीति के तत्कालीक फायदों को दरकिनार करेंगे और जातिगत आरक्षण की व्यवस्था को समाप्त करने की दिशा में योग्य पहल करेंगे. 

धन्यवाद, जयहिंद, वंदे मातरम् 



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