चुनाव-सुधार -

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भारत के स्वर्णिम भविष्य की ओर बढ़ने के लिये 'स्वच्छ चुनाव' आवश्यक हैं

बिना 'स्वच्छ चुनाव' कैसे 'निष्पक्ष चुनाव'?

विगत वर्ष 5 राज्यों में संपन्न विधानसभा के चुनावों में, 140 अपराधियों का, यानी 20% आपराधिक प्रत्याशियों का जीतना चिंता का विषय है! 

पिछली बार, 2012 में यह 100 सफल अपराधी यानी 14% ही था! यानी आपराधिक छवि को राजनैतिक दलों की प्राथमिकता घटने के स्थान पर बढ़ रही है...

इरोम शर्मिला जैसी विश्व- विख्यात सार्वजनिक आंदोलनकर्ता को कुल 90 मत मिलना भी आश्चर्यजनक और मतदाता के जागरूकता विहीन होने की ओर ही इंगित करता है...

निर्भीक, निर्लिप्त और निष्पक्ष मतदान से ही 'स्वच्छ चुनाव प्रक्रिया' संपन्न हो सकती है! किन्तु 'स्वच्छ चुनाव' के लिये मतदाता का जागरूक होना सर्वाधिक आवश्यक है!


 मतदाता जागरुकता का विषय मतदान आयु से असम्बद्ध है!  मतदाता की न्यूनतम आयु सीमा 18 वर्ष हो 21 या 16 या 14 या 6 या 40 कुछ भी अर्थहीन है क्योंकि आज भी हम अपराधियों को वोट करते हुए शर्मिंदा नहीं हैं...!  

जबकि हम सभी भलीभाँति जानते हैं कि;

अपराध जगत से संबद्ध माननीयों से भरी संसद का प्रमुख कोई भी हो वह अपराध मुक्त देश की दिशा में बढ़ने का उच्चकोटि का प्रदर्शन तो करता रह सकता है किंतु देश को अपराध मुक्त करने की दिशा में कोई भी ठोस कदम उठाने में सर्वथा असमर्थ ही रहेगा!  

 

भारत में मतदाता जागरूकता दुष्कर एवं दूरगामी प्रयास है किन्तु चुनाव प्रक्रिया में सुधार लाकर आम चुनावों को अधिक सक्षम किया जा सकता है!

कुछ सुझाव-

 1- जिला न्यायालय / उच्च न्यायालय से आपराधिक संबद्ध सिद्ध प्रत्याशियों को उच्च/ उच्चतम न्यायालय में लम्बित अपील पर अनिर्णय तक भी अयोग्य ही माना जाये! 

2- किसी भी चोरी / लूट / डकैती/ अपहरण / फिरौती/ हत्या/ हत्या का प्रयास / हेराफेरी / बलात्कार जैसे जघन्य अपराध में सजायाफ्ता अपराधी को किसी भी स्तर के जन-प्रतिनिधित्व के अयोग्य माना जाये! 

3- चुनाव प्रचार केवल लिखितों / अखबारों, टी व्ही / सी डी के माध्यम से ही किया जा सके. साथ-साथ सभी मान्यता प्रप्त स्थानीय /  राष्ट्रीय दलों / निर्दलियों को,  राजकीय / राष्ट्रीय प्रसारण हेतु, पसंदीदा 5 चैनलों पर / सभी संबंधित चैनलों पर समान रूप से एवं अनिवार्यतः समान मूल्य चुकाने की शर्त पर, समान निश्चित समय,   3 से 5 चक्रों में उपलब्ध कराया जाये!

4 - सभी तरह के भीड़ जुटाऊ प्रचार को प्रतिबंधित कर दिया जाये!  सार्वजनिक बहस के अतिरिक्त सभी चुनावी प्रचार सभाओं / रैलियों / ध्वनि विस्तारक यंत्रों पर चुनाव प्रचार पूर्णतः प्रतिबंधित कर दिया जाये !

   अभी-अभी 5 राज्यों में संपन्न विधानसभा के चुनावों में 140 अपराधियों का,  यानी 20% आपराधिक प्रत्याशियों का जीतना चिंता का विषय है! पिछली बार, 2012 में यह 100 सफल अपराधी यानी 14% ही था! 

अन्य जागरूक भारतीयों के साथ मैं भी 2012 से, हर एक चुनाव के समय, मतदाताओं से 'स्वच्छ चुनाव' का अनुरोध  करते आया हूँ!  कुछ उदाहरण-   

- http://swasaasan.blogspot.com/2012/08/2013-14.html 

https://www.facebook.com/groups/lekhanhindustani/permalink/1425059360886138/

SwaSaSan Welcomes You...
निवेदन!!! चुनाव-2014 के मतदाताओं से ...

मित्रो;

.............(पूरा पढ़ने लिंक Title Link - http://swasaasan.blogspot.com/2012/08/2013-14.html 
पर जाइये ) .... मतदाता / समर्थक को ऐसी प्रसन्नता मिलती है

जैसे कुत्ते की गर्दन पर बहुत दिनों बाद मालिक के हाथ फेरने से

कुत्ते को होती है !

(.....और कुत्ता निहाल हो मालिक के तलवे चाटने लगता है !)

मुख्य राजनैतिक द्वारा दलों का वर्षों से यही दुस्साहस (मतदाता  को कुत्ता समझने का) इस जागृत जन-मानस वाले माहौल में भी

जारी रहा ...

हर बड़े राजनैतिक दल के प्रत्याशियों में बड़ी संख्या में

गंभीर अपराधों के आरोपी सम्मिलित थे   !

कई तो जेल में रहकर ही चुनावी रण का संचालन कर रहे थे  !

.............................

..... 'राईट टू रिजेक्ट ' और 'राईट टू रिकाल ' 

कानून बनने का  इन्तजार  क्यों  ???

अभी भी तो था उपयोग करते..................

....... क्या जरूरी है...

कि किसी  'विशिष्ट'  राजनैतिक दल के

प्रत्याशी को ही वोट दिया जाए ?????

.............क्या कभी कहीं कोई ऐसा चुनाव क्षेत्र भी रहा है...

जहाँ कोई भी  "सभ्य / सुसंस्कृत " 

उम्मीदवार जैसा  दलों/ क्षेत्रीय दलों/

निर्दलीयों में भी ना रहा 

हो ?????

........... निर्दलीय को भी विकास मद में उतनी ही

सांसद / विधायक निधि मिलती है जितनी अन्य दल

के टिकट पर जीतकर आये सदस्य को !......

........

.......

क्योंकि

भ्रष्टाचार, बलात्कार, हेराफेरी, घोटालेबाजी, लूट, 

हत्या, गुंडागर्दी, जैसे

अपराधी छवि / पृष्ठभूमि के

प्रत्याशी को  चुनकर / सत्ता सौंपकर

आप स्वयं उन्हें

आपके अपनों के साथ

ऐसे अपराध करने आमंत्रित कर रहे हैं!!!!!

आप स्वयं भी तो अपराध ही कर रहे हैं ...

ऐसे भ्रष्टों को आपके अपनों के साथ

भ्रष्टाचरण, बलात्कार, लूट, हेराफेरी जैसे अपराध करने का लायसेंस देकर !!!

जागिये !

संभलिये !!!

कुत्ते मत बनिए !!!!!

सदा सोच समझकर वोट दीजिये !!!!!!!

अपने मताधिकार का

 


सोच समझकर ही

''सही प्रयोग"

अवश्य कीजिये !!!!!!!!!!

"सही मतदान आपका महत्वपूर्ण कर्तव्य है!

 और सर्वाधिक मूल्यवान अधिकार भी है!!!"

धन्यवाद !!!!!!!!!!!!!!!!!!!

जय हिंद !

जय भारत !!!

वन्दे मातरम्!!!!!
 
-सत्यार्चन

पूरा लेख पढ़ने लिंक Title Link - http://swasaasan.blogspot.com/2012/08/2013-14.html
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