किसानों का साथ दें

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भारत का किसान अपनी रोज़ी-रोटी खोने वाला है क्योंकि नए कृषि क़ानून एक तरह से अमीर कॉर्पोरेट को किसान के खेत और खेती का मालिक बना देंगे। इस कानून में गरीब और छोटे किसानों के लिए कोई राहत नहीं है। किसानी देश के अधिकांश लोगों की रीढ़ की हड्डी है और किसानों ने हर परेशानी के बावजूद प्राइवेट ट्रेडर से बचने के लिए APMC मंडी के साथ समझौता कर लिया था, उनके रेट को मान लिया था। लेकिन नए कृषि कानून के बाद APMC मंडियां खंडहर हो जाएंगी और खेती का ज़्यादातर लाभ बड़े उद्योगपतियों को मिलेगा, जो अभी से गोडाउन और अन्य चीज़ें बनाकर भविष्य की तैयारी कर रहे हैं।

अगर किसान को कोई परेशानी होगी तो वो कोर्ट भी नहीं जा सकेगा और अंत में किसान और उसके भविष्य का फैसला बड़े उद्योगपति ही करेंगे। अब किसान शांति से प्रदर्शन कर रहा है तो उसके रास्ते में गड्ढे खोदे जा रहे हैं, उनपर पानी की बौछार की जा रही है और आंसी गैस के गोले दागे जा रहे हैं। शांति से प्रदर्शन करने पर भी उनके साथ अन्याय हुआ, यहाँ तक कि बूढ़े किसानों को भी नहीं बख्शा गया। 

किसान को चोट पहुँचाने की वजह से पूरे देश की आत्मा तड़प उठी है। चलिए हम मिलकर किसानों के लिए आवाज़ उठाएं ताकि ये आवाज़ देश के शीर्ष नेतृत्व तक जाए और वो किसानों के साथ अन्याय बंद करें और उनकी जायज़ मांगों को मान लें।