पेड़ है तो कल है

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  • आज इंसान अपनी तुच्छ खुशी के लिए वृक्षों को काट रहा है मकान , कारखाने, आफिस, यातायात मार्ग के लिए वृक्षो का कटाव लगातार जारी है जिस कारण पृथ्वी के तापमान में दिनों-दिन बढ़ोतरी हो रही है और वायु प्रदूषण में भी वृद्धि हो रही है तापमान में वृद्धि के कारण गैलेशियर पिघल रहे हैं कहीं बाढ़ तो कहीं सूखा। जंगल काटे जा रहे हैं जिससे पक्षियों और जंगली जानवरों की विभिन्न प्रजातियां विलुप्त हो रही है। लोग आज वृक्ष लगा रहे हैं लेकिन जिससे उन्हें मोटी रकम मिलने की उम्मीद होती है और वृक्ष तैयार होते ही उसका रामनाम सत्य।
  • सरकार और तमाम संस्थाओं द्वारा वृक्षारोपण की दिशा में काम किए जा रहे हैं लेकिन वो प्रर्याप्त नहीं और आम आदमी अभी सोया हुआ है सरकारी अधिकारी नेता और विभिन्न संगठनों संस्थाओं के अध्यक्षों की तस्वीरें आये दिन समाचार पत्रों के पृष्ठों को सुशोभित करती हैं लेकिन उसके बाद ये नहीं पता चलता कि जो पेड़ लगाए गए थे एक साल पहले नेता जी और अध्यक्ष जी के हाथों वे जीवित हैं या नहीं।
  • अगर यही हाल रहा तो वो दिन दूर नहीं हमारे बच्चे जंगली जानवरों और पक्षियों की कहानियां सुन पाएंगे और केवल उनकी तस्वीर देख सकते हैं जैसे हम आज डायनोसोर की।
  • और बरसात नहीं होगी तो फसल नहीं होगी न फल होंगे जिससे हमारे खाने के लाले पड़ जाएंगे यही नहीं पीने के लिए पानी भी नहीं मिल पाएगा  हमें पर्वतारोही की तरह आक्सीजन की जरूरत होगी लेकिन आम आदमी और कब।
  • जरा ऐसे भविष्य के बारे में कल्पना कीजिए ,हमारे धर्मग्रंथों में जो प्रलय की बात कही गई है वो साकार हो जाएगी ।आज  जमीन जायदाद रुपए के लिए खून हो रहे हैं फिर पानी के लिए खून बहाया जाएगा। चारों तरफ हाहाकार मच जाएगा ।
  • इस भयावह स्थिति से बचने के लिए हमें अभी से सशक्त रहना होगा और हर व्यक्ति को कम से कम एक पेड़ जरुर लगाना होगा।इस दिशा में ऐ कानून पास होना चाहिए कि जिस भी कारखाने, स्कूल, संस्थाओं और एनजीओ के आफिस वृक्षों का विकास संभव है और वहां एक निश्चित मानक के अनुसार  वृक्ष नहीं है तो उन्हें मान्यता न दी जाए । जो पुराने हैं उन्हें एक निश्चित समय दिया जाए कि वे वृक्ष तैयार करें और कानून का उलंघन करने पर उनकी मान्यता निलंबित की जाए।
  • और अगर किसी लड़के या लड़की की शादी होती है तो कम से कम एक पेड़ तैयार करें इसके लिए वह अपने घर के आसपास खेत खलिहान में या अगर उसके पास जगह नहीं तो ग्राम प्रधान की मदद से उसे गांव की सार्वजनिक जमीन या गांव के बाहर सड़क के किनारे की जमीन का उपयोग करें। लेकिन जिनके पास जमीन हो वो ग्रामपंचायत की जमीन का उपयोग न करें। अगर कोई व्यक्ति ऐसा नहीं करता तो उसे न तो कोई सरकारी लाभ , नौकरी अथवा कोई सरकारी कागजात जैसे आधार या वोटर कार्ड नहीं बनना चाहिए। जिसे ग्राम प्रधान  या ग्राम पंचायत के निचले स्तर के अधिकारी प्रमाणित करें ।प्रमाणीकरण गलत पाए जाने पर उस प्रमाणीकरण अधिकारी पर कार्रवाई का प्रावधान होना चाहिए।