"हम सबकी मदद से कोई भी गरीब और बेसहारा बच्चा खाली पेट नहीं सोयेगा।"

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मैं अखिलेश मिश्रा(राधे)।

मेरा मानना है कि हम जितना भी कमाते हैं उसका सिर्फ ३% निकाल कर अगर हम गरीब और बेसहारा बच्चों की मदद करेंगे तो उनका भी भविष्य उज्जवल हो सकता है।

आज अपने भारत में 100 में से 65% लोग जितना कमाते हैं उसका 50-60% पैसा शराब, सिगरेट और गुटका आदि जैसे में बर्बाद कर देते हैं और इन सब का सेवन करने से वो कई खतरनाक बिमारियों को न्योता देते हैं जिनसे उनके साथ साथ उनके परिवार के लोग भी परेशान होते हैं तो नशा छोड़कर अपनी कमाई का सिर्फ 2-3% गरीब बच्चों की मदद में लगाओ।

मैं कोई महान हस्ती नहीं हूं जो ऐसी बात कर रहा हूं मैं भी एक आम इंसान हूं और मैं महीने सिर्फ 15000-20000 कमाने वाला शख्स हूं जब मैं मदद के लिए खड़ा हो सकता हूं तो आप सब क्यों नहीं हो सकते हैं।जरा सोच कर देखिए उन गरीब बच्चों के बारे में जो आपको हर चौराहे,हर सड़क किनारे कहीं न कहीं आपको मिल ही जाते होंगे जो 1-1 रूपए के लिए महोताज हैं और हम में से कई लोग तो उनका मज़ाक भी बनाते हैं या अपशब्द भाषा और अश्लील हरकतें भी करते हैं। मेरा आप सभी से विनम्र निवेदन है कि इस मदद में आगे आए और बढ़ चढ़ कर अपना योगदान प्रदान करें क्योंकि 'गरीब और बेसहारा' लोगों को भी अपनी अच्छी ज़िन्दगी जीने का सम्पूर्ण अधिकार है। मैं स्वंय मदद करता और आप सबसे भी यही कहूंगा कि अपनीे आस पास के क्षेत्र में जो भी "गरीब, बेसहारा या लाचार" इन्सान हो आप उनकी "शारीरिक व अर्थिक" मदद जो आपसे हो सके वो अवश्य करें।

"एक बार किसी गरीब की बेटी और गरीब बच्चे की मदद तो करके देखिए बहुत ख़ुशी मिलती है"

                    अखिलेश मिश्रा (कानपुर, उत्तर प्रदेश)