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    Started 2 petitions

    Petitioning Government of India, Prime Minister of India, Home Minister of India, Education Ministry, Chief Minister of all states

    ट्यूशन कोचिंग क्लासेज खोलने की अनुमति मिले

    कोविड १९ के महामारी के इस दौर में ६ महीने का समय होने वाला है , शहरी क्षेत्रों में रहने वाले , शिक्षा के क्षेत्र में कार्य करने वाले ज्यादातर नागरिको की आर्थिक स्थिति बहुत ही बुरे दौर में हैं , स्कूल, क्लासेज बंद होने की वजह से पुरे देश भर में तकरीबन १०- से १२ करोड़ लोग (परिवार ) बेरोजगार हो चुके हैं।   ऑनलाइन क्लासेज लेने के बावजूद काफी बच्चो के फी नहीं मिलते हैं।  पिछले ६ महीने से काम बंद होने के बावजूद क्लासेज के मालिक दुकान का रेंट , लाइट बिल भर ही रहे थे , अब सितम्बर महीने से लोन की इन्सटॉलमेंट भी भरनी शुरू हो जाएगी , ऐसी स्थिति में अगर क्लासेज खोलने की इजाजत न मिली तो किस तरह से जीवन यापन करेंगे शिक्षक , क्लासेस मालिक।  बैंक डिफाल्टर होना सुनिश्चित है।  इस स्थिति में सरकार को अब गंभीरता से सोचना पड़ेगा , चाहे तो दिशा निर्देश बनायें , सोशल डिस्टन्सिंग का पालन कराया जायेगा , साफ़ सफाई , मास्क का उपयोग कराया जायेगा , परन्तु अब काम बंद करके तो जीवन नहीं बीत सकता , कृपया इन सुझावों पर ध्यान दीजिये , और मदद कीजिये।   डर लगता है की बच्चो को नैतिकता और ईमानदारी का पाठ पढ़ाने वाले शिक्षक अपने परिवार को भूखों मरते देख कर अनैतिक , अवांछित कृत्य करना न शुरू कर दे , ये समाज के लिए गलत सन्देश होगा।  हर इंसान के सहने की एक सीमा होती है , भूखे पेट कोई भी राष्ट्रभक्ति नहीं दिखा पायेगा। आशा करते हैं की सरकार इस बारें में गंभीरता से विचार करते हुए जल्द से जल्द टूशन, कोचिंग , टेक्नीकल क्लास , हॉबी क्लासेज , कंप्यूटर क्लासेज को सुचारु रूप से चलाने की सहमति दे।  जय हिन्द - जय भारत 

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    Petitioning Sahil Mishra - Hope Foundation

    पानी की बर्बादी विश्व में तबाही लाएगी

    मेरा  मुंबई शहर -  विविधताओं से भरा हुआ शहर , जहाँ कोई भी इंसान भूखा नहीं सोता , ५ रुपये के वडा पाव से भी पेट भर लेता है और ५०० रुपये की गुजराती थाली से भी ... कहा जाता है कि तीसरा विश्व युद्ध पानी के लिए होगा, आप इस युद्ध को रोक सकते हैं। हमारे इस प्यारे शहर का जलस्तर लगातार कम हो रहा है, कहा जा रहा है कि कुछ ही सालों में ये रहने के लायक नहीं रहेगा। पानी के बिना जीवन संभव ही नहीं, ये जानते हुए भी हम आए दिन पानी को बिना सोचे बरबाद करने से बाज़ नहीं आते हैं। मुंबई  मेरा घर है, और ये ख्याल कि एक दिन ये बचेगा ही नहीं, मुझे झकझोर कर रख देता है। सिर्फ मैं ही नहीं, यही कहानी हर उस शख्स की है जिसके लिए ये बस एक शहर नहीं, बल्कि उसका घर है। हर साल 1 करोड़ 40 लाख लीटर पानी, हम रेस्टोरेंट के ग्लास में पानी छोड़कर बरबाद कर देते हैं। हम रेस्टोरेंट में पानी मँगवाते हैं, एक घूँट पीते हैं और बाकी का छोड़ देते हैं, जो फेंक दिया जाता है। हम इसे आसानी से रोक सकते हैं! हम अपने मुंबई शहर के होटल मालिको से मेनेजर से इस बारे में बात कर सकते हैं , हम ये सुझाव दे सकते हैं की ग्राहक को आधा गिलास पानी दिया जाये , फिर जरुरत हो तो और दीजिये  ये पेटीशन नेशनल रेस्टोरेंट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया और मुंबई  शहर के सभी रेस्टोरेंट मालिकों को भेजा जाएगा। वो कुछ लोगों की आवाज़ को अनसुना कर सकते हैं, लेकिन उन्हें इस पेटीशन पर आए हज़ारों हस्ताक्षर का जवाब तो देना ही होगा।  आप वो बदलाव बन सकते हैं जिससे लोग रेस्टोरेंट में पूरा नहीं, आधा ग्लास पानी मँगवाएंगे #GlassHalfFull. आप दुनिया को बस इस एक सवाल से बदल सकते हैं--आज मैंने कितना पानी बचाया? अगर हर रेस्टोरेंट और हर निवासी पानी को बरबाद होने से बचाएगा तो हम इतना पानी इकट्ठा कर सकेंगे कि शहर की एक सूख चुकी झील को 2020 तक दुबारा भर सकेंगे। मेरी पेटीशन पर हस्ताक्षर करें ताकि मुंबई  शहर के रेस्टोरेंटों के ग्लास में आधा ग्लास पानी परोसा जाए। वेटरों से गुज़ारिश है कि वो आधा ग्लास पानी ही भरें। एक ग्राहक के रूप में आप भी ये मांग करें ताकि पानी बरबाद ना हो। पानी जैसी बहुमूल्य चीज़, जिसे हमने कूड़े के बराबर बना दिया--उसको बचाने की दिशा में इसे अपना पहला कदम समझिए। आइये पानी को रोज़ बरबाद होने से बचाएं। आइये गिनना शुरू कर दें कि एक दिन में हमने कितना पानी बचाया। चलिए एक बड़े मकसद की तरफ एक छोटा सा कदम बढ़ाते हैं। चलिए अपने ग्लास को आधा भरते हैं, #पानीबचाओ #खुदकोबचाओ #Hope_Foundation

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